गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

न डर कर दुश्मनों से सर कभी हमने झुकाया है

न डर कर दुश्मनों से सर कभी हमने झुकाया है
हमारे धर्म ने आदर हमें करना सिखाया है

धरा भारत की उपजाऊ है पैदा वीर होते हैं
यहाँ पर खून जो अपना शहीदों ने बहाया है

दगा करना हमारे खून में बिल्कुल नहीं शामिल
मगर जैसे को तैसा करके भी हमने दिखाया है

नहीं शालीनता को पाक कायरता समझ लेना
हमारी वीरता के आगे कोई टिक न पाया है

गँवाई जान जिसने भी यहां पर देश की खातिर
जुबां ने उसकी वन्दे मातरम ही गुनगुनाया है

सुनो कश्मीर तो माँ भारती के दिल की धड़कन है
कभी क्या धड़कनें दिल से जुदा कर कोई पाया है

नहीं तेरी तरह हम वार करते पाक पीछे से
किया भी सामने से वार और सीने पे खाया है

किया है खून मानवता का तूने हर कदम पर ही
कहर भी पाक आतंकवाद का भारत पे ढाया है

करो अब पाक मत नापाक हरकत बस सँभल जाओ
हमेशा दुश्मनों को धूल में हमने मिलाया है

हमारे सामने ऐ पाक क्या औकात है तेरी
शराफत का हमारी फायदा तूने उठाया है

मिलेगा पाक अब हर ईंट का उत्तर भी पत्थर से
तेरे सर मौत का मंडरा रहा हर ओर साया है

29-06-2018
डॉ अर्चना गुप्ता

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डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी तो है लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद भी, गूँजेगी आवाज" माता- श्रीमती निर्मला अग्रवाल पिता- स्मृति शेष डॉ राजकुमार अग्रवाल शिक्षा-एम०एस०सी०(भौतिक शास्त्र),…
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