Sep 10, 2016 · कुण्डलिया
Reading time: 1 minute

न्यौछावर हैं प्राण..

बहना राखी बाँधती, भैया पढ़ता मंत्र,
राजा बलि रक्षा करें, बँधा लक्ष्मी यंत्र.
बँधा लक्ष्मी यंत्र, रोग ऋण दूर सभी हों,
बाह्य आंतरिक शत्रु, नष्ट हो दूर अभी हों.
भगिनी को सम्मान, सदा दें मानें कहना,
न्यौछावर हैं प्राण, देख हर्षित है बहना..

इंजी० अम्बरीष श्रीवास्तव ‘अम्बर’

17 Views
Copy link to share
Ambarish Srivastava
133 Posts · 6k Views
Follow 4 Followers
30 जून 1965 में उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के “सरैया-कायस्थान” गाँव में जन्मे कवि... View full profile
You may also like: