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नैतिक मू्ल्य

Feb 5, 2017 02:42 AM

नैतिक मूल्य रहे कहाँ इन्सानों में
मानव भटका स्वार्थ के तानोंबानों में।
आदर्शहीन,अवसाद पूर्णजीवनसब जीते,
कुकृत्य और हिंसा का गरल सब पीते ।
रक्षक ही आज भक्षक बना है,
आदर्शहीन देश का शिक्षक बना है।
कौन सिखलायेगा नैतिकता किसी को,
धन कमाने से फुर्सत नहीं पितु-मात ही को।
शिक्षा-प्रणाली करती सिर्फ बौध्दिक विकास,
खो रहेअध्यात्म,होते नैतिक मूल्य ह्रास ।
करबध्द निवेदन मेरा मां’ओं से ………
विष-बेल नहीं संस्कारित संतान बनायें,
बने आचरण उच्च ऐसा पाठ पढायें ।
पतन के नर्तन से मिले राष्ट्र को त्राण,
नैतिक मूल्यों के बिना मानव पशु समान।
———-राजश्री

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Rajshree Gaur
Rajshree Gaur
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लेखिका राजश्री गौड़ बीए बीएड़ जन्मतिथी24-11-56. पिता --श्रीभीमसेन पराशर माता -श्रीमति जयदेवी पराशर साहित्यिक सम्मान--नारीगौरव,भारत...
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