Jun 25, 2016 · कविता
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!!नेता!!

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~~~~~!!नेता!!~~~~~
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“मौसमी
बारिश में,
शब्दों के
शातिर पतंगे!

उड़ते हुए
गुनाह करते हैं।
द्युति, सूरज की
चुरा लेते हैं!!”______दुर्गेश वर्मा

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Durgesh Verma
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मैं काशी (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ । काव्य/गद्य आदि विधाओं में लिखने का मात्र... View full profile
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