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नेता हिंदुस्तानी

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गीत

March 2, 2017

रीत नहीं छोड़ी है अपनी सुनो पुरानी
अब भी करते रहते है वोटों की खींचातानी
नेता हिंदुस्तानी

एक तरफ जिन पर बैठे आरोप लगायें
उनसे ही आगे बढ़कर ये हाथ मिलायें
यहाँ जीतने को अपना ईमान भुलायें
उस थाली में छेद करें जिसमें खुद खाएं
कुर्सी आते ही हाथों में करते हैं मनमानी
नेता हिंदुस्तानी

मतदाता से मीठी मीठी बातें करते
भाषण में पर अपभाषा से कहीं न डरते
अच्छा लगता इनको कर निंदा रस पीना
घोटाले करके भी रखते चौड़ा सीना
बड़े बड़े अफसर से भी भरवा लेते हैं पानी
नेता हिंदुस्तानी

रिश्तों को भी राजनीति ये खूब खिलाते
खानदान की ताकत को भी खूब भुनाते
लगने लगता है चुनाव जैसे हो दंगल
पाने को बस जीत बदलते रहते ये दल
महलों में रहते जैसे रहते हैं राजा जानी
नेता हिंदुस्तानी

सरकारी ये बाँट खज़ाना खूब लुटायें
और इन्हें उपलब्धि भी अपनी गिनवायें
शुरू योजनाएं भी बड़ी बड़ी ये करके
सात पीढ़ियों को अपनी धनवान बनायें
झूठे ट्रस्ट बनाकर फिर बन जाते देखो दानी
नेता हिंदुस्तानी

डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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