कविता · Reading time: 1 minute

नेटवर्किंग की दुनिया

बात कम कीजै,वाट्सप चलाए रहिये
फेसबुक की दुनिया में खुद को जमाए रहिये।
ट्विटर पे हर घड़ी फाँलोवर मिलेंगे आपको
इंस्टाग्राम को खुद की फोटोज से सजाये रहिये।
व्यस्तता लाख सही, कम न कीजै सक्रियता
ग्राफ लोकप्रियता हर घड़ी बढाए रहिये।
हर शख्स अनजान है नहीं यहाँ पहचान है
रिश्ता इंसानियत दोस्ती बनाये रहिये।
मुश्किलें तो जिन्दगी की, कम नहीं होंगी यहाँ
दो पल की है जिन्दगी अलख खुशी जगाये रहिये।
ऐ नेटवर्किंग की दुनिया, है आपका घर नहीं
रंग अपने पोस्ट का हर घड़ी चढाये रहिये।
देश दुनिया पे कभी, कभी लिखीये धर्म के नाम पर
मध्य में फिर हास्य का रंग तनिक बिखराये रहिये।
गम हो या, हो खुशी; सब में बट जाता है
नेट पैक डालिये; मिलते और मिलाते रहिये।
लाईक व कमेंट से, खुशियों का है वास्ता
सहज सुन्दर पोस्ट से प्रोफाइल सजाये रहिये।
©®प.संजीव शुक्ल “सचिन”

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