नील छंद ~ आराधना

शिल्प :~(5भगण+गुरु)
211,211,211,211,211,2
१६ वर्ण, ४ चरण , २ – २ चरण सम तुकान्त
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नाथ अनाथन के सब कष्ट सदा हरते।
पूरन कारज दास प्रभू सिगरे करते।।
आस लगाय खड़ा दर दीन सुधार करो।
दान दया अब देकर के दुख वेग हरो।।
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कौशल कुमार पाण्डेय “आस”
दि०- ८ जनवरी २०१८,चन्द्रवार।
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