*नील गगन*

नील गगन में
चमके तारा
लगता है वो
बड़ा ही प्यारा

रंग धवल सा
निखरा निखरा
झलके हरदम
हसीं नजारा

नील गगन में
चमके तारा
हरि भजन का
करे इशारा

नील गगन में
चमके तारा….
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 25

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share