Mar 22, 2020 · कविता
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निर्भया को मिला न्याय

22.3.2020
निर्भया को मिला न्याय✌🏻🇮🇳✌🏻🇮🇳✌🏻🇮🇳

बलात्कारी और हत्यारों ने
बर्बरता ऐसी दिखलाई थी
दहल गया था मानव समाज
सारी मानवता शरमाई थी।

हारी नहीं बेबस माँ , खड़ी अडिग रही
आँखों में करुण रूलाई थी।
तड़प-तड़प कर जिसकी पीड़ित बेटी ने
निर्ममता से जान गँवाई थी।

बेटी को न्याय दिलाने की खातिर
दुखी माँ ने अदालत से गुहार लगाई थी,
देश की न्याय व्यवस्था में
आस्था जिसने दिखलाई थी।

इस घिनौने पाप की सज़ा में
जज़ ने सीधी फाँसी सुनवाई थी
दाँव -पेच कानून के खेलकर
अपराधियों ने कई बार टलवाई थी।

मौत से डरकर दरिंदों ने
राष्ट्रपति तक अर्ज़ी पहुँचाई थी,
अपराध की संगीनता देखकर
महामहिम ने अर्ज ठुकराई थी ।

कानूनी पैंतरे आजमा लिए सब
युक्ति कोई काम न आई थी।
अपने -अपने दुष्कर्मों की दुष्टों को
करनी पड़ी भरपाई थी।

झूल फाँसी के फंदे पर पापियों ने
अपने पापों की सज़ा पाई थी,
मिला न्याय निर्भया को आखिर,
सारी नारी शक्ति हरषाई थी।

शोषित न हो नारी की अस्मत कभी
यौन उत्पीड़न का न बनें शिकार,
निर्भया की माँ कहती है-
लड़कों को दें माताएँ ऐसे संस्कार!
निर्भया की आत्मा को मिले शांति,
किसी और बेटी पर न हो अत्याचार!💐

खेमकिरण सैनी
बंगलूर ,कर्नाटक

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Khem Kiran Saini
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