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निभाता कौन है

Kumar Thakur

Kumar Thakur

गज़ल/गीतिका

September 12, 2017

निभाता कौन है…
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रूठ जाओ तो मनाता कौन है
टूट जाओ तो सजाता कौन है

दूर जाकर लौट आता कौन है
वक़्त पर अब काम आता कौन है

गर्दिशों में पास आता कौन है
साथ में आंसू बहाता कौन है

यार मेरे छोड़ कर जाते रहे
ज़िंदगी भर भी निभाता कौन है

राग सब अपनी यहां गाते रहे
राज़ की बातें बताता कौन है

कौन करता है दुआ मेरे लिए
ख़ैर अब मेरी मनाता कौन है

कर चुके हैं इस जहाँ से जो सफ़र,
मौत पाकर लौट पाता कौन है

©कुमार ठाकुर
11 सितंबर 2017

Author
Kumar Thakur
Kumar Thakur, Principal at KVS, Shayar, Poet, Writer, Teacher Trainer, Spoken English Trainer, Life Skills Trainer, Trained Counsellor... Loves Poetry...
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