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ना हम ञिशूल तलवारें ना ही पिस्तौल वाले हैं

Nasir Rao

Nasir Rao

गज़ल/गीतिका

August 19, 2016

ना हम ञिशूल तलवारें ना ही पिस्तौल वाले हैं
अलग माहौल है अपना अलग माहौल वाले हैं
—–
फक़ीरी मैं फकीराना कोई अपना ना बेगाना
उलझयेगा नही हमसे कि हम कश्कोल वाले हैं
——
सभी हम जैसे सादा दिल नही रहते हैं बस्ती मैं
कईं चेहरे तो नकली हैं नक़ाबी खौल वाले हैं
—-

नासिर राव

Author
Nasir Rao
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