ना खता हमारी ना खता तुम्हारी

ना खता हमारी ना खता तुम्हारी
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ना खता हमारी ना खता तुम्हारी
घड़ी की सुइयों का यह कसूर है

नहीं हम समझे,ना ही तुम समझे
नहीं तेरा मेरा,समझ का कसूर है

बताया तो था, तुम सुन नहीं सके
सुना ना तुमने ये तुम्हारा कसूर है

तुमने जो कहा हम सुन नहीं सके
सुना नहीं हमने ये हमारा कसूर है

लोगों ने बहुत कहा,हम थे बेफिक्रे
फिक्र नहीं की,यह हमारा कसूर है

कहा तो था ,लोगों ने एक ना सुनी
सुना जो नहीं,ये लोगों का कसूर है

सुखविंद्र तुम तो बहुत समझदार थे
नहीं तुमने समझा,ये तेरा फितूर हैं

सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

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