नारी शोषण

जो देवत्व का छद्म चोंगा ओढ़कर रहते हैं I
वे ही नारी अस्मिता को तार तार करते हैं I
दोष स्त्री का नहीं पुरुष कुत्सित मंशा का होता-
तभी साधुवेश धारी नारी के सतीत्व को छलते हैं I
.
विनय कुमार अवस्थी
स्वरचित
07.04.2017

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 324

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share