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नारी दिवस की बधाई

NIRA Rani

NIRA Rani

कविता

March 8, 2017

ईश्वर की खूबसरत संरचना हूं
मै एक नारी हूं

गुरूर है खुद पर
खुद के वजूद पर

छू लेना चाहती हू आसमान को
उसमे उगे चॉद को
मुट्ठी मे भर लेना चाहती हू सितारे आसमान के

लहराना चाहती हूं ओज का परचम
जीत लेना चाहती हूं इस जहान को
दिव्य शक्ति बन इठलाना चाहती हूं
दुर्गा काली सरस्वती सभी रूपों को जी जाना चाहती हूं
नफरत भरी दुनिया मे बस प्यार फैलाना चाहती हूं
हर दिन हर नारी सम्मान से गर्वित हो
यही सम्मान चाहती हू .
बस यही सम्मान चाहती हूं
नारी दिवस की बधाई
नीरा रानी

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Author
NIRA Rani
साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं .बस भावनाओ मे भीगे लभ्जो को अल्फाज देने की कोशिश करती हूं ...साहित्यिक परिचय बस इतना की हिन्दी पसंद है..हिन्दी कविता एवं लेख लिखने का प्रयास करती हूं..

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