Aug 7, 2017 · कविता
Reading time: 1 minute

“नारी” तू बड़ी महान है।?

गजब सी हे हस्ती तेरी
बिन तेरे हर रिश्ता
अनाम है।
तू माँ, बहन, बेटी में,
मौसी, मामी, पत्नी भी
कितने ही तेरे नाम है ।
चरण पखारे गंगा ऐसी,
स्मरण यज्ञ समान है।
तुझको पाने देव भी तजते
कान्ति कोटि सम धाम है।
स्नेहमयी, ममता रूपी
“नारी” तू बड़ी महान है।

#SK ?

201 Views
Copy link to share
Surya Karan
29 Posts · 748 Views
Govt.Teacher, poet & Writer. View full profile
You may also like: