Apr 17, 2020 · दोहे

नारी के अधिकार

निर्णय गर्भ स्वतंत्रता , कायाऔर विचार ।
पराधीन नर के सभी, नारी के अधिकार ।।

प्रणय त्याग करुणा दया ,दिल मे नेक विचार।
नारी के होते यही,…………आभूषण शृंगार ।।
रमेश शर्मा.

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दोहे की दो पंक्तियाँ, करती प्रखर प्रहार ! फीकी जिसके सामने, तलवारों की धार! !...
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