"नारी की महत्ता"दोहे

“*नारी की महत्ता पर दोहे* *************** नारी जग का मूल है, नारी से संसार। नारी जीवन दाायिनी,पूजो बारंबार।।
नारी घर की आन है, नारी घर की शान। नारी बिन घर -घर नहीं, नारी है वरदान।।
नारी से जन्मा पुरुष, नारी है पहचान। पत्नी बन संतान दी, नारी वृक्ष समान।।
नारी कोमल फूल सी, नारी है बलवान। वक्त पड़े दुर्गा बने, थामे तीर कमान।।
नारी के अंतस बसे, रूप शील गुण चार। त्याग क्षमा गहना बने, नारी जग आधार।।
डॉ. रजनी अग्रवाल” वाग्देवी रत्ना”

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