मुक्तक · Reading time: 1 minute

*नारी का सम्मान*

नारी का सम्मान करो
भूल से न अपमान करो
मन से समझो तुम इसको
मुख से मत गुणगान करो
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

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