नाम अनमोल

श्याम मेरो अनमोल है
अनमोल है मेरो श्याम

सूरत बिकती ना वो बाजारों में
मेरे हृदय में बसती है जो
मूरत बिकती ना वो बाजारों में
मेरी कल्पना घड़ती है जो
भायो श्याम नाम मन मोरे है
अनमोल है अनमोल है
श्याम…

वों बदली है प्रीत की
कण कण में स्नेह बरसाती है
वों उन खुशियों की बगिया है
सारे जग को महकाती है
छायो श्यामल रंग घनघोर है
अनमोल है अनमोल है
श्याम

दुनियादारी की मोहमाया
मुझे नागिन बन डसना चाहे
इस कोरे मन में श्याम बसो
बस श्याम ही श्याम रटना चाहे
श्याम तेरो ही अब ठोर है
अनमोल है अनमोल है
श्याम..

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निरन्तर सीखना मेरा उद्देश्य सेवा भाव हृदय में है करू मैं देश की पूजा बस...
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