कविता · Reading time: 1 minute

नव वर्ष 2019 पर रचित कविता रूपी सरल सन्देश

आ रही नयेपन की खुशियां
नव वर्ष का मौसम आने को

पकड़ी कलम ने रफ्तार
सन्देश कुछ अनोखे सुनाने को

जो बीत गया सो बीत गया
वक्त है उसे भुलाने को

अब तो है उसे सम्भालना
जो है आगे आने को

कर्म की खुश्बू ऐसे फैला अनोखी
मिले सुगंध जमाने को

गीत बना जिंदादिली के इस कदर
हर जुबान पर गुनगुनाने को

दो पल की है जिंदगी बस ये
क्यों समझे इसे रुलाने को

आनंद में डूबो अनुभव के
सोचो दूसरों के किसी काम आने को

दो चार सन्देश देने का था इरादा
सो लिख दिया इसलिए बताने को

ऐसे हो तेरे जीवन के तराने
आये पसन्द हर बेगाने को

मन में न रखो पुराने गिले शिकवे
न उलझो रूठने मनाने को

बस उस परम पिता की कृपा से गुजर गए
इस वर्ष के दिन पुराने तो

अब अगला वर्ष हो बेहतर पहले से
यही दुआ है दिल से आने को

आ रही नयेपन की खुशियां
नव वर्ष का मौसम है आने को

आप सभी को नव वर्ष की कृष्ण मलिक की ओर से हार्दिक मंगल कामनाएं ।
ये वर्ष आपके जीवन में नव ऊर्जा का संचरण , नव ऊर्जा सी ताजगी लेकर आपके जीवन को आनंदमयी और खुशनुमा बना दे ।

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