नव वर्ष

आज रात है आखिरी, बीत रहा है साल।
झूमे स्वागत में सभी, चमक रहे हैं गाल।। १

साल पुराना हो रहा, आज सभी से दूर।
क्या करना जब है यही, कुदरत का दस्तूर।।२

बारह बजने में अभी, बचा हुआ कुछ देर।
स्वागत में नव वर्ष के,लगा केक का ढ़ेर ।। ३

वक्त पुराना ले गया, आया है नव वर्ष।
सब मिलकर स्वागत करे, लाया नूतन हर्ष।। ४

करे विदा हम इस कदर, बीत रहा जो साल।
कुछ ऐसा मिलकर करे, हर दिल हो खुशहाल।।५

खुदा करे के साल ये, सबको आए रास।
जो जिसकी चाहत करे, वो हो उसके पास।।६

बीत गया जो साल तुम, उसको जाओ भूल।
खेती फूलो की करो, चुभे न कोई शूल।।७

जी भर कर आशीष दे, हे नव प्रथम प्रभात।
सभी स्वस्थ सुखमय रहे, शुभ सुन्दर सौगात।। ८

नव निष्ठा निर्माण के, नव युग नूतन वर्ष।
निडर निरंतर बढ़ चले, नस-नस में हो हर्ष।। ९

सत्य शांति संकल्प से, सफल सुखद हो साल।
स्नेह सुमन सपना शगुन, सजे सृजन के डाल।। १०
-लक्ष्मी सिंह

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