नव वर्ष की शुभकामनाएं

साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
नित वसंती हवाओं का अनुदान दे

दिल तुम्हारा सदा ही सुहावन रहे
मन अमलता ग्रहण कर के पावन रहे
आतमा जागे, आनंद का भान दे
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
नित बसंती हवाओं का अनुदान दे

आपकी डग सघन प्रेम-फूलों में हँस
कह रही विषधरों से सु चंदन हूँ डँस
मुग्ध हो खल फँसे, ऐसी मुस्कान दे
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
नित बसंती हवाओं का अनुदान दे

ज्ञानी आभा हृदय को प्रकाशित करे
प्रेमी अंतकरण को सुभाषित करे
ईश तुमको भी वह दिव्य गुण-ज्ञान दे
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे
नित बसंती हवाओं का अनुदान दे

बृजेश कुमार नायक
जागा हिंदुस्तान चाहिए एवं क्रौंच सुऋषि आलोक कृतियों के प्रणेता

-उक्त गीत जे एम डी पब्लिकेशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित “राष्ट्रभाषा भाषा हिंदी सागर” त्रैमासिक पत्रिका अंक जनवरी-मार्च 2017 में प्रकाशित हो चुका है|

-मेरे फेश बुक पेज “Brijesh Nayak की रचनाएं”
में भी उक्त गीत पढा जा सकता है |

– आपको भारतीय नव वर्ष एवं नव रात्रि की अनंत हार्दिक शुभकामनाएं |
-ईश्वर आपको यश-सम्मान एवं आनंद की अनुभूति प्रदान करे|

बृजेश कुमार नायक
सुभाष नगर कोंच- 285205

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