नव-फूल

“नव-फूल”
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जब तक जीओ सुख से जीओ |
बेमतलब में ग़म ना पीओ ||

गमी तो साथी वो बला है……..
टाले से जो नहीं टला है ||

बात पे ज़रा तुम गौर करो |
यूँ ना जीवन ! तुम बोर करो ||

जिन्दगी है कितनी अनमोल |
बोल ज़रा तू प्रेम के बोल ||

यह प्रेम ही जीवन साथी है |
मैं दीपक हूँ ! तू बाती है ||

तू है मयंक , मैं हूँ चकोर |
बन मेरे काळजे की कोर ||

तू आज जगा दे प्रीत-राग |
सींच दे मेरे मन का बाग ||

है बिन प्रीत जीवन निर्मूल |
नहीं जीवन में भी है धूल ||

सींच ले आजा इसकी मूल |
चलो खिला दें एक नव-फूल ||
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(डॉ०प्रदीप कुमार “दीप”)

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नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू,... View full profile
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