Mar 28, 2020 · कविता

जय माता दी

शेरा वाली शेर पे सवार
आ जाओ “मां “मेरे द्वार
माता तुम ही पालन हार
तुमको पुजें सब बारम्बार

तुमरी जोत जले हर द्वार
मां तुम ही बस खेवनहार
तुम ही जानो हर दुःख मेरा
अब कर दो मां बेड़ा पार

कण कण है तुमसे संसार
तुम हो मां जीवन आधार
संकट सबके ही हरती हो
करदो मां मुझ पर उपकार

तुम जननी तुम पालनहार
कर दो मां दुष्टों का संहार
राह निहारें पल पल तोहरी
मां भक्ति में नत परिवार

मां की महिमा अपरंपार
भक्तो बोलो जय जय कार
सब मिलकर के करें पुकार
जय मां तेरी जय जय कार
*********************
गौतम जैन
9866251031

2 Comments · 12 Views
ग़ज़ल , कविता , हाइकु , लघुकथा आदि लेखन प्रकाशित रचनाएं:--- काव्य संरचना, विवान काव्य...
You may also like: