#नर्मदा_कल्प_स्तुति

मेखलनंदनी जनमनरंजनी नर्मविनोदनी माँ रेवा।
पर्वतवासिनी विंध्यनिवासिनी मगरविराजनी माँ रेवा।।
सन्तन पालनी तीर्थ गामनी शैलविदारणी माँ रेवा।
पापविनासनी पातकनासनी मोक्षदायिनी माँ रेवा।।1

कंकर-शंकर शंकर-कंकर,वेग भयंकर, माँ रेवा।
पूजें घर-घर, बोलें हर-हर, सबको दे वर, माँ रेवा।।
पलते जलचर, हरषे थलचर, ख़ुश हैं नभचर, माँ रेवा।
घाट घाट पर, तीर्थ घर घर, रहते सुरवर माँ रेवा।।2

हर्षदायनी, बालुवाहिनी, हे मन्दाकिनी, माँ रेवा।
कष्ट-निवारिणी, चार-भुजारणी,भव-भय तारणी, माँ रेवा।।
सोन लजाबनी, तवा विदारणी, नर-मद हारणी, माँ रेवा।
पश्चगामनी, सत्य सनातनी, स्वर्ग सिधावनी माँ रेवा।।3

अमरकंठनी, मंडलासिनी, भेड़ाघाटनी, माँ रेवा।
ब्रह्म पाटनी, सोन दहारणी, घाट सेठानी माँ रेवा।
महिष घाटनी, मांडू वासिनी, शूल पाणिनी, माँ रेवा।
ओम विहारिणी, खम्बखाड़नी सिंधु तारिणी माँ रेवा।।4

शम्भु-दुलारी, मेखल-प्यारी, मम महतारी माँ रेवा।
कलिमलहारी, हर अँधियारी, सदा सुखारी, माँ रेवा।।
तरे नर नारी, पापाचारी, दुष्ट संहारी माँ रेवा।
है सुकुमारी, मंगलकारी, मगर सवारी माँ रेवा।।5

दरस मात्र से तीरथफल दे हरती संकट माँ रेवा।
घाट घाट पर लगते मेले दिवस दिवस तट पर रेवा।।
मार्कण्ड ऋषि शौनकादि मुनि करते सेवा माँ रेवा।
कल्प ‘कल्प’ तक बास तुम्हारा है अविनाशी माँ रेवा।।6

कमला-रमला विमला-विपुला हे पुण्य-सलिला माँ रेवा।
शस्यश्यामला सर्वमङ्गला उदधि-मेखला माँ रेवा।।
हे माँ सुफला तू ही सबला देती मोक्षफला रेवा।
अँचला-धबला, सलिला-कपिला, मृदुला-चपला माँ रेवा।।7

मैं गृहवासी, भोगविलासी, राह दिखाती माँ रेवा।
परिक्रमावासी, अरु सन्यासी, बन तटवासी माँ रेवा।।
तू सुखरासी, पनघटवासी, प्यास बुझाती माँ रेवा।
शिव तट वासी, घटघट काशी, तू अविनाशी माँ रेवा।।8

मग़र सवारी, है अति प्यारी, शिव की दुलारी माँ रेवा।
सुर नर-नारी, कलयुग भारी, विपदा हारी माँ रेवा।
पूज पुजारी, संत मंझारी, कलशा धारी माँ रेवा।
शरण तुम्हारी, जग नर नारी, पालनहारी माँ रेवा।।9

मातु नर्मदा हरें आपदा सकल सर्वदा माँ रेवा।
नर्म नर्मदा सर्व-सर्वदा मर्म-वर्मदा माँ रेवा।।
नर-मद हरती शीतल करती हरती विपदा माँ रेवा।
हरे हरमदा देत-मोक्षदा माई नर्मदा माँ रेवा।।10
!! इति !!
🚩🚩हर हर नर्मदे हर🚩🚩
रचना:- अरविंद राजपूत ‘कल्प’
साईंखेड़ा जिला नरसिंहपुर

4 Likes · 13 Comments · 159 Views
अध्यापक B.Sc., M.A. (English), B.Ed. शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय साईंखेड़ा Books: सम्पादक कल्पतरु - एक पर्यावरणीय...
You may also like: