.
Skip to content

नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी

कवि रमेशराज

कवि रमेशराज

तेवरी

June 3, 2017

कोई तो किस्सा पावन हो, वृन्दावन हो
अब चैन मिले मन को कुछ तो |

तहखानों बीच न जीवन हो, घर-आँगन हो
सुख के पायें साधन कुछ तो |

अपमान नहीं अब वन्दन हो, अभिनन्दन हो
ले आ रोली-चन्दन कुछ तो |

वो चाहे हर सू क्रन्दन हो, घायल मन हो
कम करता दुष्ट हनन कुछ तो |

अब अग्नि-कथा का वाचन हो, अरिमर्दन हो
स्वर में ला तीखापन कुछ तो |
+रमेशराज

Author
कवि रमेशराज
परिचय : कवि रमेशराज —————————————————— पूरा नाम-रमेशचन्द्र गुप्त, पिता- लोककवि रामचरन गुप्त, जन्म-15 मार्च 1954, गांव-एसी, जनपद-अलीगढ़,शिक्षा-एम.ए. हिन्दी, एम.ए. भूगोल सम्पादन-तेवरीपक्ष [त्रैमा. ]सम्पादित कृतियां1.अभी जुबां कटी नहीं [ तेवरी-संग्रह ] 2. कबीर जि़न्दा है [ तेवरी-संग्रह]3. इतिहास घायल है [... Read more
Recommended Posts
अनेक तेवरी-संग्रहों का एक ही पुस्तकाकार रूप-  “ रमेशराज के चर्चित तेवरी संग्रह “
अनेक तेवरी-संग्रहों का एक ही पुस्तकाकार रूप- “ रमेशराज के चर्चित तेवरी संग्रह “ +अशोक अंजुम ---------------------------------------------------- सार्थक सृजन प्रकाशन, 15/109, ईसानगर, अलीगढ़ से प्रकाशित... Read more
रमेशराज की जनकछन्द में तेवरियाँ
|| जनकछन्द में तेवरी || ---1. ……………………………………………………… हर अनीति से युद्ध लड़ क्रान्ति-राह पर यार बढ़, बैठ न मन को मार कर। खल का नशा... Read more
रमेशराज का एक पठनीय तेवरी संग्रह “घड़ा पाप का भर रहा ”    +डॉ. हरिसिंह पाल
रमेशराज का एक पठनीय तेवरी संग्रह “घड़ा पाप का भर रहा ” +डॉ. हरिसिंह पाल ----------------------------------------------------------- समीक्ष्य कृति “घड़ा पाप का भर रहा ” की... Read more
तीन मुक्तकों से संरचित रमेशराज की एक तेवरी
जनता पर वार उसी के हैं चैनल-अख़बार उसी के हैं | इसलिए उधर ही रंगत है सारे त्योहार उसी के हैं | सब अत्याचार उसी... Read more