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“नया साल”

Shri Bhagwan Bawwa

Shri Bhagwan Bawwa

कविता

December 29, 2016

नया साल दहलीज पे,खङा रहा है बोल।
सूरज बांटे रोशनी,चित के पट को खोल।।
चित के पट को खोल,अन्धेरे डर कर भागेंगे।
सोये हुये हैं भाग्य तेरे तो वो भी जागेंगे।।
कह श्री कविराय,यहां सब होगें अब खुशहाल,
सबकी खातिर खुशियां लेकर आया है नया साल।।

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