कविता · Reading time: 1 minute

नया वर्ष

धा धा तिं तिं ता ता धिं धिं
करता अाया नया वर्ष
नए वर्ष के नए हर्ष ने
सबका मन हर्षाया
ढोलक की लय पर सब नाचे
करके ताता थैया
अानंद के सागर में डूबे
कहकर तिरकिट ताता

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