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नया नया है साथ हमारा , नयी नयी ये होली है…..

Awneesh kumar

Awneesh kumar

कविता

March 12, 2017

नया नया है साथ हमारा ,
नयी नयी ये होली है।
कितना प्यारा रिस्ता अपना ,
कितनी मीठी बोली है।
खुद से अलग हुये है खुद ही ,
कितनी अजब प्रेम कहानी है।
समझने बैठे थे तुमको ,
याद लगी बनके दिल में मीठी सी गोली है
भूल नहीं पाएंगे इस बरष की होली ,
क्यू की हम दोनों की पहली होली है।
नया नया है साथ हमारा,
नयी नयी ये होली है।(अवनीश कुमार)

Author
Awneesh kumar
नमस्कार अवनीश कुमार www.awneeshkumar.ga www.facebook.com/awneesh kumar
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