मुक्तक

नया कानून माँगती हूँ नूतन संविधान कीजिए ।
रहे सुरक्षित बहू-बेटियाँ ऐसा जहान कीजिए।
नित दिन दरिन्दगी बढ़ रहा है यह देश शर्मसार है –
गुनाहगारों के लिए मृत्यु दंड का विधान कीजिए।
-लक्ष्मी सिंह

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