नयनों की चोट

*मुक्तक*
वो लगाकर घात बैठे आज करने नैन चोट।
तृप्ति के आधार मुख पर कर लिये हैं केश ओट।
चाहतें मन में जगा उसने किया हमको अधीर।
फिर प्रणय की आस में दिल पर रहे हैं साँप लोट।
अंकित शर्मा’ इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

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कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078 View full profile
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