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नमस्कार मै हिंदी हूँ

डी. के. निवातिया

डी. के. निवातिया

कविता

September 19, 2017

नमस्कार
मै हिंदी हूँ
मेरा दिवस के रूप में उत्सव मनाकर सम्मान देने के लिये आपकी आभारी हूँ ??
वैसे मुझे किसी दिवस की आवश्यकता नही
यदि वास्तविक रूप में
मुझे सम्मान देना चाहते हो
तो मुझे
ह्रदय से अपनाकर
अपनी वाणी में
समाहित कर
सदैव के लिए
अपने कंठ और जिह्वा
को समर्पित कर दो
मै सदैव आपकी
भाषा बनकर
आपके कार्य का
भाग बनाकर रहना चाहती हूँ
यही मेरा पारितोषिक होगा
और यही मेरी अभिलाषा का
पूर्ण होना।

आपकी वाणी में मधुरता के रस बिखेरने की अभिलाषी आपकी प्रिय हिंदी ।
???????
मेरे लिये बस इतना

Author
डी. के. निवातिया
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का... Read more
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