मुक्तक · Reading time: 1 minute

नमन

मन्द पवन कहे मतवारी
गाये यही कोयलिया कारी
प्रातःनमन सर्वोच्च शक्ति को
जिसने महकाई सृष्टि सारी
29 जुलाई2016

28 Views
Like
45 Posts · 4.6k Views
You may also like:
Loading...