नमन करूँ माँ शारदे

नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
जिसने तुमको सिरजा या उस जग-जगदीश को
दो नयन मेरे मतवाले हैं वो तेरे ही दीवाने हैं
अँखियों में है प्यास ज्ञान की मतवाले दो नैन है
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
जिसने तुमको सिरजा या उस जग-जगदीश को
ज्ञान-ध्यान करूं ईश का या उस जगदीश का
जिसने सिरजा तुमको या उस जग-जगदीश का
पार करो अंधकार से अब तार दो अज्ञान-संसार से
सिरजा सिरजनहार ने अब पार करो अंधकार से
बसन्त-उत्सव आया है अब रसना को सँवार दे
आप्लावित कर रस से रस-रसना पर वार दे
मधुरिम मीठे बोल बोल जीवन में रस घोल दे
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
जिसने तुमको सिरजा या उस जग-जगदीश को
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
मन हर्षित कर तन हर्षित कर करदे हर्षित रोम-रोम
जो आये अब शरण तिहारी शब्द-सोम-रस घोल दे
दो नयन प्यालों में अब शब्द-मद-मय घोल दे
मधुर-बैन बोले हम अब औरों में रस घोल दे
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
पूजा करूँ ना तेरी, माँ सरस्वती करूँ तेरी आराधना
पूजा करूँ ना ईश की, पूजा करूँ उस जगदीश की
मात-पिता ना जिसके कोई, ना कोई सिरजनहार है
जो स्वयं कर्ता-करतार है हम सबका सिरजनहार है
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को
जिसने तुमको सिरजा या उस जग-जगदीश को
नमन करूँ माँ शारदे नमन करूँ उस ईश को ।।
मधुप बैरागी

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 1 Comment 0
Views 18

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share