*"नदियाँ "*

*”नदियाँ”*
नदियां उफान पर रहती तब उग्र हो,
बलखाती लहराती तेज रफ्तार वेग से बहती जाती।
जब नदियाँ शांत सरल प्रवाह में निर्मल जल बहती जाती।
तेज बहाव की जलधाराओं में न जाने क्या क्या बहा ले जाती।
जब शांत निर्जल शुद्ध जल पवित्रता का परिचय कराती।
नदियाँ दुर्गम मार्गों पहाड़ों पर से ऊपर तक निर्मल जल बरसाती।
झरने नदी तालाबों महानदियों का जल जीवनदायिनी कहलाती।
नदियों से पवित्र जलधारा बहती सुंदर मनोहर सौंदर्य संवारती।
गंगौत्री ,यमुनोत्री ,गोदावरी नदी, मंदाकिनी नदी नामों से जानी जाती।
पाप पुण्य कर्म स्वस्थ निरोगी काया, सदा सर्वदा पूजी जाती।
नदियों के पवित्र स्थान पर शुद्ध मन निर्मल जल से प्रसन्न कर जाती।
🌊🌊🌊🌊🌊🌊🌊🌊
जय श्री कृष्णा राधे राधे 🙏
*शशिकला व्यास*✍️

1 Like · 1 Comment · 23 Views
एक गृहिणी हूँ मुझे लिखने में बेहद रूचि रखती हूं हमेशा कुछ न कुछ लिखना...
You may also like: