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== नतीजे आएंगे ==

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कुण्डलिया

September 15, 2017

पता नहीं क्यों आज देश के बहुत हुए बदतर हालात।
हत्या, उपद्रव, बाढ़, दुर्घटनाओं से पहुंचा जन-जन को आघात।
जन-जन को आघात आकाओं को नहीं है फुरसत।
वोट बटोरना जनता से बस यही है हसरत।
कहे रंजना निज स्वार्थ में ये कर रहे खूब खता।
जनता देगी नतीजे कभी तो चल जाएगा पता।

—रंजना माथुर दिनांक 15/09/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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