नजरिया ...!!😎

कश्ती भी नही बदली , दरिया भी नही बदला ।
मेरे बदल जाने का जरिया भी नही बदला ।
मेरी मंजिल मुझे हर रोज पुकारती है अब तो ,
फिर भी मेरे देखने का नजरिया भी नही बदला ।
मैं खुश हूं ये मेरे दोस्तों की मेहरबानी है ,
जमाना बदल गया , मेरा यार अभी भी नही बदला ।
यू कहते है लोग मुझे अब भी ‘हसीब’
कहने को तो कुछ भी कहे , पर उसके देखने का अब भी नजरिया नही बदला ।

✍🏻हसीब अनवर

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