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नचा रही हमको भैया, भारत की सरकार रे

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

कविता

March 26, 2017

नचा रही है हमको भैया,
भारत की सरकार रे|
तड़पा तड़पा करके भैया ,
देखो रही है मार रे||

कभी नचाती दिनभर भैया,
रात को करती बार रे|
कभी कभी खाना दे करके,
पेट मे मारे कटार रे||

नये नये नियम बनाके भैया
जनता को करती हलाल रे|
जयी कारण से भैया सुनलो,
अफसर नेता दलाल रे||

अपना पैसा अपना नाही,
बैंक मे लम्बी कतार रे|
जुल्म हजारो करते हम पर
कहते करते प्यार रे||

भारत माता तड़प रही है,
कृष्णा करो विचार रे|
नचा रही हमको भैया
भारत की सरकार रे||
✍कृष्णकांत गुर्जर

Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
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