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….नई_राह….

राहुल रायकवार जज़्बाती

राहुल रायकवार जज़्बाती

कविता

January 13, 2017

चारों कोणों से युक्त क्षितिज मंडल…
है जीवन की परिभाषा…
भवबंधन से मुक्त हो भू-मंडल…
है जीवन की अभिलाषा…
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सार्थकपूर्ण मुकाम हासिल हो कहाँ…
हौसला नितांतपूर्ण है मेरा…
नई राह का दिशा-सूचक मिले कहाँ…
सार्थक बुलंद लक्ष्य है मेरा…
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है उम्मीद सकारात्मक नई राह होगी मेरी…
प्रकाशित होगा आने वाला मेरा कल…
मंजिल किनारे जीवन की नई शुरुआत होगी मेरी…
वक्त की दहलीज पर बदलेगा मेरा कल…
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गुम न हो जायें काल्पनिक नई राहें मेरी….
सत्य पथ का चुनाव करना है मुझे…
सदैव बन जायें वास्तविक नई राहें मेरी….
मुश्किलों से सामना करना है मुझे…
(स्वरचित) #rahul_rhs

Author
राहुल रायकवार जज़्बाती
उफ़...मीठी_चाय... कागज की नाव... अल्फाज मेरे....कलम तेरी... बस साधारण-सा कलमकार... #जज़्बाती....
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