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*** धीमा जहर ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

शेर

August 8, 2017

ना जाने कौन सा धीमा जहर मेरे सीने में उतर आया है

ना चैन से जीने मुझे देता है ना चैन से मरने मुझे देता है ।।

?मधुप बैरागी

समझ
नहीं
आता
जिंदगी
इतनी
जिद
क्यूँ
करती
है
जीने
के
तमाम
रास्ते
रोककर
जीने
की
कसम
देती
है ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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