.
Skip to content

” धर्म हमारा बड़ा लचीला ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

April 26, 2017

मन्त्रों में , वेदों में है वो ,
पत्थर की मूरत में है वो |
ना मानो तो निराकार है ,
मानो तो घट घट में है वो |
नहीं बंदिशों में बाँधा है –
सचमुच है यह बड़ा रंगीला ||

मात-पिता हैं तीरथ जैसे ,
गुरुजनों की बात निराली |
दुखीजनों की पीड़ा समझी ,
टल जाती ग्रह दशा हमारी |
साधु-संतों ने ज्ञान दिया है –
अंतर्मन का चोगा ढीला ||

परिवर्तन स्वीकार किये हैं ,
धर्म ने अंगीकार किये हैं |
सामाजिक बदलाव के चलते ,
बदले से व्यवहार किये हैं |
कई जगह उपहास हुए हैं –
क्यों नहीं है, यह हठीला ||

सच, नई-नई बेला है आई ,
नारी जागृति की अंगड़ाई |
दर्शन की बस होड़ लगी है ,
पुरुष खड़े ले रहे जम्हाई |
न्यायालय , भारी धर्म पर –
कैसा है यह ,हंसी -ठिठौला ||

सेवा में धर्म बस हम जाने ,
कर्मों से हम गये पहचाने |
नया -पुरातन रखा सामने ,
खोते जा रहे ठौर -ठिकाने |
कातर धर्म खड़ा कोने में –
बदल रहा है पल-पल चोला ||

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
Recommended Posts
धर्म क्या है ?
Naveen Jain गीत Nov 10, 2016
विषय - धर्म धर्म क्या है ? धर्म कोई पंथ नहीं, धर्म कोई संत नहीं । धर्म की ना शुरूआत है, धर्म का कोई अंत... Read more
कुन्डलिया :-- घट यूँ घट पनघट गए !!
कुंडलिया :-- घट यूँ घट पनघट गये !! घट यूँ घट पनघट गये, सरपट बहता नीर ! सरिता कहे पहाड़ से , फूटी है तकदीर... Read more
इन्सान बडा़ है
Alka Keshari गीत Aug 30, 2017
ना हिन्दू बडा़ है ना मुसलमान बडा़ है इन्सानियत हो जिसमें वो इन्सान बडा़ है। एक ही अल्लाह एक ही राम हैं, एक ही दाता... Read more
वो क्या है!!
तुम हो कि हद मे रह नहीं पाते हम है कि यह सब सह नहीं पाते। वो क्या है जो तुम सुनने को बेताब हो... Read more