धर्म की राजनीती ...!

ना कोई हिन्दू है , ना कोई मुस्लिम है , है ना कोई ईसाई
यहाँ सब ने इंसान ना बनने की कसमें है खायी ।
कौन है वो इन नफरतो को फैलाने वाला ,
जिसने हिन्दू,मुस्लिम की पाठ पढ़ाई ।
यहाँ की मिटटी में शामिल है सभी की खून ,
लोगों ने खून को भी हिन्दू , मुस्लिम की बताई ।
अब तो शर्म सी आती है मुझे कभी कभी
यहाँ के राजनेताओं ने भी धर्म की राजनीती करके दिखलायी ।

✍🏻हसीब अनवर

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