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धन तेरस: पाँच दोहे

दिनेश एल०

दिनेश एल० "जैहिंद"

दोहे

November 13, 2017

धन तेरस: पाँच दोहे
// दिनेश एल० “जैहिंद”

कार्तिक कृष्ण त्रयोदश, धन तेरस कहलाय ।
हिंदु धरमावलम्बी हो, _प्रसन्न इसे मनाय ।।

सोना, रजत अरु गहने, नई वस्तु खरीदाय ।
घर-परिवार लोग सबै, अति खुस हो जाय ।।

मान्यता है एक ऐसी, ___धातु कोई घर आय ।
मातु-बहिन-भवै-काकी, कुछ-न-कुछ लेइ आय ।।

ठीक बाद दो दिन सबै, _दीया-परब मनाय ।
लक्ष्मी-गनेस पूजैं, ___घर-घर खूब सजाय ।।

जिया में लड्डू फूटै, _____बच्चे करैं बहार ।
घन-तेरस के सँगवा,___दिवाली के लहार ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद
12. 10. 2017

Author
दिनेश एल०
मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का... Read more
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