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दो लघु कवितायेँ

Onika Setia

Onika Setia

कविता

January 28, 2017

दो लघु-कवितायेँ

१, यह दुनिया एक धोखा है,
फूलों में छुपे हो जैसे कई कांटेें।
निभाते भी जा रहे और चलते भी जा रहे है.
संदेहास्पद जीवन जिए जा रहे हैं,
क्या पता कब दिल ज़ख़्मी हो जाये ,
हमारे पांव की तरह !

२, पत्थरों की हवेली में रहता है,
एक कोमल दिल ,और एक शीशा।
किस तरह बचाएं हम इस शीशा -ऐ-दिल को,
ना जाने कब टूट कर बिखर जाये।
शीशा टुटा तो नया आ जायेग,
मगर यदि दिल टुटा तो !

Author
Onika Setia
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक , लिंक्ड-इन , दैनिक जागरण का जागरण -जंक्शन ब्लॉग, स्वयं... Read more
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