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दो नदी के किनारे

Yash Tanha Shayar Hu

Yash Tanha Shayar Hu

कविता

April 3, 2017

दो नदी के किनारे
दो नदी के किनारो का मिलना क्या,
दो नदी के किनारो का बिछड़ना क्या,

अहसास ही बहता है पानी बनकर ,
उस बहते अहसास का करना क्या,

जिन्दा ही रहेंगे उसमे जिव सारे,
उनको निकाल धरती पर करना क्या,

बनाई हुई है जिन्होंने अपनी दुनिया,
उस दुनिया में जाकर करना क्या ,

चमकती है सुबह की किरणों सी लहरे,
उसमे परछाई बनकर तुमको करना क्या,

तूफ़ान भी आयेगा एक दिन दरिया में,
उस तूफान में तनहा जीकर मरना क्या,

दो नदी के किनारो का मिलना क्या,
दो नदी के किनारो का बिछड़ना क्या,

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Author
Yash Tanha Shayar Hu
Yash Pal Sejwal born 10th March 1980 is a Poet,Lyrics,Songs writer from Delhi, I create and started writing on Facebook page "Tanha Shayar Hu" IN JANUARY 2016. This is my collection of Poems, Lyricis, and Shayari : Facebook page :... Read more