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दो चार करेंगे

डॉ मधु त्रिवेदी

डॉ मधु त्रिवेदी

गज़ल/गीतिका

September 9, 2016

हम आपसे आँखे फिर दो चार करेंगे
हर रोज नये रूप में स्वीकार करेंगे

फेरे हमने सात लगाये संग तेरे
तेरे पर हम तो फिर से ही अधिकार करेंगे

गर बात हमारी सब मानो यदि तुम तो
तब हम सबके साथ ही परिवार करेंगे

तीखे बन जाओ जब मेरे ही लिए तो
जीना हम तेरा तब दुश्वार करेंगें

जब प्यार भरी बात करोगे हमसे तो
जीवन तुम पर हम फिर आभार करेंगे

जब छोड़ के हमको तुम जाओगे कहीँ तो
वापस तब आने पर पुचकार करेंगे

जीवन भर हम साथ निभाये अब तेरा
सच्ची कहते है कि न हथियार करेंगे

बाधा यदि आये न निभा साथ मैं पाऊँ
मैं छोड़ू न तुमको तब गद्दार करेंगे

जब नींद हमें रात न आयें बिन तेरे
तब प्यार करो तुम यह इजहार करेंगे

हमको बरसों बाद मिला है प्रियतम जो
जी भर हम उसका अब दीदार करेंगे

मीठी मधु शाला से भरी कैसे तुम हो
अब हम मधु भावों का व्यापार करेंगे

डॉ मधु त्रिवेदी

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डॉ मधु त्रिवेदी
डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र... Read more

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