दोहे

जीवन मे माँ से बडा

और नही वरदान

माँ चरणों की धूल ले

खुश होंगे भगवान।

2

भारत की गरिमा बचा

कर के सोच विचार

भगत सिंह,आज़ाद का

सपना कर साकार

3

वेद पुराण भुला दिये

भूले सच्चे ग्रंथ

भाँति भाँति के संत हैं

भाँति भाँति के पंथ

4

मीरा बोली साँवरे

कर जोगन से प्रीत

इन चरणों मे शरण दे

निभा प्रेम की रीत

5

गुस्सा अपना पी लिया

शिकवा था बेकार

बढ ना जाये फिर कहीं

आपस मे तकरार

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लेखन विधायें- कहानी, कविता, गज़ल, नज़्म हाईकु दोहा, लघुकथा आदि | प्रकाशन- कहानी संग्रह [वीरबहुटी],...
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