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दोहे

Aashukavi neeraj awasthi

Aashukavi neeraj awasthi

दोहे

February 6, 2017

वंश वाद की फल रही राजनीति में बेल।
दल बदले सत्ता मिले वही पुराना खेल।

पिता पुत्र चाचा सगे महासमर में आज।
कुरुक्षेत्र सूबा बना किंचित बची न लाज।

ओछी बाते कर रहे राजनीति के लोग।
गाली की भाषा बकें जाने कैसा रोग।।

बदले की बाते करे मुद्दा कोई न पास।
सत्तर साल विता दिए हो ना सका विकास।
आशुकवि नीरज अवस्थी अमर उजाला बरेली में 19 जनवरी पेज नम्बर 4 पर प्रकाशित

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