दोहे · Reading time: 1 minute

दोहे

श्याम बसा है तन मन में, नैनन में है प्रेम।
राधा -राधा पुकारत, कहाँ खोजें हम प्रेम।।

न मीरा मिली न राधा, प्रेम कहाँ अब होय।
निंदिया नहीं नैनन को, कब जागे कब सोय।।

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