Skip to content

दोहे…नीति पर

कौशल कुमार पाण्डेय

कौशल कुमार पाण्डेय "आस"

दोहे

February 23, 2017

प्रीत रीत सबसे सुघर,तोडो़ मत विश्वास।

बिना प्रेम मानव रहे,जीवन जन्म निराश।।

नीतिपरक दोहे कहूं,सुन लो धर कर ध्यान।

प्रेम सहित विष पानकर,मीरा बनी महान।।

रावण ज्ञानी था बडा़ ,बतलाते सब लोग।
अहंकार तज नहिं सका,बहुत बडा़ ये रोग।।

त्याग कर्म को सीख लो,रखो प्रभु पर आस।
ऐ नर जीवन में कभी,होगा नहीं निराश।।

सखा नीति की बात सुन,भूखे को दो दान।
हेय दृष्टि का त्याग कर,समझ सदा भगवान।।

तृष्णा धन की है बुरी,करना नहीं अधर्म।
अंत समय पछतायगा,करता रहा कुकर्म।।

Author
कौशल कुमार पाण्डेय
कौशल कुमार पाण्डेय"आस" बीसलपुर(पीलीभीत)[उ०प्र०] शिक्षा - एम.काम. साझा प्रकाशन -एक पृष्ठ मेरा भी,स्वतंत्र्योत्रर कवि,दोहा संकलन.
Recommended Posts
सुन ले  करुण पुकार
सुन लो करुण पुकार कल कल बहती,जीवन देती थी हुई आज बीमार,सुन लो करुण पुकार, मात की सुन लो... तट पर बिखरा,हतिहास का गौरव तार... Read more
प्रेम
दर्द निकाल दो हृदय तल से , क्या रखा है दर्द पीने में ? अंतर्मन आलोकित कर लो , प्रेम दीप जलाकर सीने में, प्रेम... Read more
बजरंगी तेरा सहारा
Ankur pathak गीत May 19, 2017
बजरंग बली बाला मेरी पुकार सुन लो , मझधार फंसी नईया, नईया को पार कर लो , कर जोर के है विनती राम। ........ कर... Read more
ब्लू व्हेल गेम नही खेलना
जीवन है बड़ा अनमोल, ममता का नही है मोल, कितना सुंदर जीवन है, मां का दिया वरदान है, ममता की मुश्कान है, जिसमे समाया जहांन... Read more